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बंगाल की खाड़ी में ब्रिटेन और भारतीय नौसेना ने दिखाई अपनी ताकत, चीन को दिखाया आइना

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Jul 23 2021 4:46PM | Updated Date: Jul 23 2021 9:27PM
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लंदन। सीमा पर चीन से भारी तनाव के बीच भारतीय नौसेना ब्रिटिश एयरक्राफ्ट कैरियर एचएमएस क्वीन एलिजाबेथ के साथ बंगाल की खाड़ी में युद्धाभ्यास कर रही है। दोनों देशों की नौ सेनाओं के बीच यह युद्धाभ्यास तीन दिनों तक चलेगा। इसमें एचएमएस क्वीन एलिजाबेथ के नेतृत्व में ब्रिटेन का कैरियर स्ट्राइक ग्रुप हिस्सा ले रही है। यह द्विपक्षीय अभ्यास दोनों नौसेनाओं की समुद्री क्षेत्र में एक साथ काम करने की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए तैयार किया गया है। युद्धाभ्यास के दौरान भारतीय नौसेना और रॉयल नेवी के युद्धपोत, लड़ाकू विमान, पनडुब्बियां और एम्फीबियस शिप ने एक साथ अभ्यास किया। हिंद महासागर में दोनों देशों की सेनाओं से चीन की चिंता बढ़ गई है। भारत-ब्रिटेन के संयुक्त युद्धाभ्यास में 10 जहाज, दो पनडुब्बी, लगभग 20 विमान और करीब 4,000 नौसैनिक भाग ले रहे हैं। ब्रिटेन की नौसेना रॉयल नेवी के एडमिरल सर टोनी रडाकी ने कहा कि रॉयल नेवी और भारतीय नौसेना मिलकर दो महासागरों में संयुक्त अभ्यास करेंगी। उन्‍होंने कहा कि इसकी शुरुआत हिंद महासागर में होगी। इसके बाद दोनों देशों की नौसेनाएं अटलांटिक महासागर में भी एक संयुक्त अभ्यास करेंगी। यह संयुक्त अभ्यास हमारी नौसेनाओं के बीच बढ़ते संबंधों की ताकत, ऊर्जा और महत्व का प्रमाण है। भारतीय नौसेना का एक जहाज अगस्त में ब्रिटेन के तट पर भी एक अभ्यास में हिस्सा लेगा। गौरतलब है कि नौसेना का यह संयुक्त अभ्यास सामरिक दृष्टि से दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में बढ़ती हुई साझेदारी का एक अहम हिस्सा है। ब्रिटेन सरकार ने कहा कि इससे दोनों देशों की नौसेनाओं को शरद ऋतु में अगले अभ्यास से पहले अपनी क्रियाशीलता और सहयोग को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
 
इस सैन्‍य अभ्यास में F-35B लाइटनिंग लड़ाकू विमान ने एचएमएस क्वीन एलिजाबेथ के डेक से उड़ान भरकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। भारतीय नौसेना के मुताबिक इस युद्धपोत में आईएनएस सतपुड़ा, रणवीर, ज्योति, कवरत्ती, कुलिश शामिल हुए। इनके अलावा एक पनडुब्बी ने भी युद्धाभ्यास में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। इसमें भारत की तरफ से पनडुब्बी रोधी युद्ध में सक्षम लंबी दूरी के समुद्री टोही विमान ने भी भाग लिया। एचएमएस एलिजाबेथ एयरक्राफ्ट कैरियर में एक बार में 65 से ज्यादा विमानों को तैनात किया जा सकता है। इसमें फ्लाइट डेक के नीचे कुल नौ डेक हैं। इनमें लड़ाकू विमान, हेलिकॉप्टर्स और दूसरे हथियारों को रखा जाता है। इन जहाजों को फ्लाइट डेक पर लाने के लिए एयरक्राफ्ट कैरियर में दो लिफ्ट लगी हुई हैं। इस समूह में एफ-35बी लाइटनिंग फाइटर जेट के दो स्क्वाड्रन तैनात हैं, जिनकी संख्या 36 है। यह लड़ाकू विमान स्टील्थ तकनीकी से लैस है। इसे दुनिया के सबसे घातक लड़ाकू विमानों में गिना जाता है। इसके अलावा समुद्र में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने के लिए 14 हेलिकाप्टर भी तैनात रहते हैं। इसमें हैवी ट्रांसपोर्ट हेलिकॉप्टर चिनूक, अटैक हेलिकॉप्टर अपाचे भी शामिल हैं।
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