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वायु को स्वच्छ रखने के लिए सभी एजेंसियों को निभानी होगी सक्रिय भूमिका: संयुक्ता

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Oct 1 2020 6:39PM | Updated Date: Oct 1 2020 6:40PM
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया ने कहा है कि शहर में वायु को स्वच्छ रखने के लिए जिम्मेदार सभी एजेंसियों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। संयुक्ता भाटिया ने गुरूवार को यहां लखनऊ के क्लीन एयर एक्शन प्लान की वर्तमान दशा और भावी दिशा पर एक परिचर्चा "हाउ रोबस्ट इज लखनऊ इज क्लीन एयर एक्शन प्लान" के एक परिचर्चा में भाग लेते हुए कहा कि शहर में वायु को स्वच्छ रखने के लिए जिम्मेदार सभी एजेंसियों को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने सभी एजेन्सियों और नागरिकों को एक मंच पर लाने के लिए काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर( सीईईडब्लू )और सीड की सराहना करते हुए कहा कि शहर के वातावरण को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी विभिन्न एजेंसियों पर है। 
 
यह जरूरी है कि सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ काम करें, जिससे शहर की हवा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो सके।. इसके अलावा नागरिक भी स्वच्छ हवा के सरोकार में एक पर्यवेक्षक के रूप में खुद को जागरूक बना कर तथा अपनी जीवनशैली में बदलाव कर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।  भाटिया ने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत दर्ज 122 शहरों (नॉन अटेन्मेंट सिटीज) में से 15 उत्तर प्रदेश में हैं।
 
जहां प्राथमिक कदम के रूप में शहर केंद्रित क्लीन एयर एक्शन प्लान बनाने का निर्देश दिया गया, ताकि 2024 तक वायु प्रदूषकों को 20 से 30 प्रतिशत तक कम किया जा सके। इस सूची के 102 शहरों का क्लीन एयर एक्शन प्लान सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है, जिस पर आधारित सीईईडब्लू के एक अध्ययन में ये पाया गया है की लखनऊ के योजना को लागु करने की ज़िम्मेदारी 17 विभिन्न एजेंसियों में बटी हुई है। इस योजना में अंकित 56 कार्यों में से लगभग 50 प्रतिशत कार्य एक से अधिक एजेंसी के दाएरे में आते है, जिस से जवाबदेहि बंट सकती है।
 
परिचर्चा में भाग लेते हुए सीईईडब्लू की प्रोग्राम एसोसिएट तनुगांगुली ने कहा कि "लखनऊ की वायु गुणवत्ता में लॉकडाउन के दौरान सुधार देखा गया। कई दिनों में पीएम2.5 की मात्रा  35 एमजी से भी कम पायी गयी. लेकिन सितंबर माह के कई दिनों  में हवा में यह मात्रा  60  एमजी से अधिक थी।  अब फिर से आर्थिक गतिविधियों की शुरुआत हो गई है।  सड़कों पर वाहनों की वापसी हो गई है। साथ ही जाड़े की शुरुआत होने वाली है।  इन परिस्थितियों में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा लखनऊ नगर निगम को वायु प्रदूषण के प्रति सचेत रहना होगा। 
 
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