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मानवाधिकारों का बहुत ज्यादा हनन तब होता है, जब उसे राजनीतिक रंग से देखा जाता है: PM मोदी

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Oct 12 2021 4:07PM | Updated Date: Oct 12 2021 4:07PM
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नई दिल्‍ली। PM  मोदी राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के 28वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी हिस्सा लिया। पीएम मोदी ने 28 वें NHRC स्थापना दिवस पर कहा, ‘दशकों से मुस्लिम महिलाएं तीन तलाक के खिलाफ कानून की मांग कर रही थीं। हमने ट्रिपल तलाक के खिलाफ कानून बनाकर उन्हें नए अधिकार प्रदान किए.हमारी सरकार ने भी मुस्लिम महिलाओं को हाजी के दौरान ‘महरम’ की मजबूरी से मुक्त किया। अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, ‘एक ऐसे समय में जब पूरी दुनिया विश्व युद्ध की हिंसा में झुलस रही थी, भारत ने पूरे विश्व को ‘अधिकार और अहिंसा’ का मार्ग सुझाया। हमारे बापू को देश ही नहीं बल्कि पूरा विश्व मानवाधिकारों और मानवीय मूल्यों के प्रतीक के रूप में देखता है। भारत के लिए मानवाधिकारों की प्रेरणा का, मानवाधिकार के मूल्यों का बहुत बड़ा स्रोत आज़ादी के लिए हमारा आंदोलन, हमारा इतिहास है। हमने सदियों तक अपने अधिकारों के लिए संघर्ष किया। एक राष्ट्र के रूप में, एक समाज के रूप में अन्याय-अत्याचार का प्रतिरोध किया.’
 
मानवाधिकारों के हनन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, मानवाधिकारों का बहुत ज्यादा हनन तब होता है जब उसे राजनीतिक रंग से देखा जाता है, राजनीतिक चश्मे से देखा जाता है, राजनीतिक नफा-नुकसान के तराजू से तौला जाता है। इस तरह का सलेक्टिव व्यवहार, लोकतंत्र के लिए भी उतना ही नुकसानदायक होता है। मानवाधिकारों से जुड़ा एक और पक्ष है, जिसकी चर्चा मैं आज करना चाहता हूं। हाल के वर्षों में मानवाधिकार की व्याख्या कुछ लोग अपने-अपने तरीके से, अपने-अपने हितों को देखकर करने लगे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, ”जो गरीब कभी शौच के लिए खुले में जाने को मज़बूर था, उब गरीब को जब शौचालय मिलता है, तो उसे प्रतिष्ठा भी मिलती है। जो गरीब कभी बैंक के भीतर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था उस गरीब का जब जनधन अकाउंट खुलता है, तो उसमें हौसला आता है, उसकी प्रतिष्ठा बढ़ती है। भारत ने इसी कोरोना काल में गरीबों, असहायों, बुजुर्गों को सीधे उनके खाते में आर्थिक सहायता दी है। प्रवासी श्रमिकों के लिए ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ की सुविधा भी शुरू की गई है, ताकि वो देश में कहीं भी जाएं, उन्हें राशन के लिए भटकना न पड़े.
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