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स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन की मौजूदगी में बाबा रामदेव ने लॉन्च की कोरोना की आयुर्वेदिक दवा

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Feb 19 2021 3:11PM | Updated Date: Feb 19 2021 3:11PM
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नई दिल्ली। योग गुरु बाबा रामदेव ने कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने के लिए एक नई दवा लॉन्च की है। शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में एक कार्यक्रम के दौरान रामदेव ने यह ऐलान किया। उनके इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद थे। बाबा रामदेव ने जानकारी दी कि पतंजलि के कोरोनिल टैबलेट से अब कोविड का इलाज होगा। उन्होंने दावा किया कि आयुष मंत्रालय ने कोरोनिल टैबलेट को सहायक दवाई के तौर पर स्वीकार किया। प्रेस वार्ता के दौरान पतंजिल ने कोरोनिल से जुड़े रिसर्च बुक भी जारी की। उल्लेखनीय है कि इससे पहले कोरोनिल टैबलेट को सिर्फ इम्यूनिटी बूस्टर कहा गया था।
 
पतंजलि का दावा है कि 70 फीसदी मरीज तीन दिन में दवा के इस्तेमाल से ठीक हो गए। रामदेव ने कहा कि आज ऐतिहासिक दिन है। एविडेंस मेडिसिन के तौर पर एविडेंस बेस्ड रिसर्च है। रामदेव ने कहा कि यह दवा डब्ल्यूएचओ-जीएमपी सर्टिफाइड है। योग गुरु ने कहा कि चिकित्सा की दुनिया में भारत पूरी दुनिया में लीड करेगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि मुझे खुशी है कि आयुर्वेद में शोध करने के लिए बाबा रामदेव ने अनुसंधान संस्था बनाई है। आयुर्वेद पर पहले भी भरोसा था, लेकिन अब रिसर्च किया गया है। लैब से प्रमाणिकता मिल गई है। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आधुनिक और वैज्ञानिक तरीके से आयुर्वेद को स्थापित करने में जितनी आहूति डाली जाएगी, उतना ही बेहतर होगा।
 
स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि कोरोना काल में आयुष मंत्रालय ने 140 स्थानों पर अध्ययन किया है। मैंने सबके रिजल्ट्स देखें हैं और परिणाम संतोषजनक हैं। लोगों को स्वस्थ्य रखने में आयुर्वेद का जो योगदान है, उसे किसी प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद की इकॉनमी बढ़ना इस बात का संकेत है कि भारत और दुनिया के अन्य देशों ने इसे स्वीकार किया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत में आयुर्वेद की 30,000 करोड़ रुपए की अर्थव्यवस्था है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार कोविड से पहले15-20 फीसदी की वृद्धि होती थी। कोविड-19 के बाद, यह वृद्धि दर बढ़कर 50-90 फीसदी हो गई है। यह एक संकेत है कि लोगों ने इसे स्वीकार कर लिया है।
 
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