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बिचौलियों से मुक्ति दिलाने के लिये लाये गये हैं कृषि विधेयक- पीयुष गोयल

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Oct 2 2020 12:28AM | Updated Date: Oct 2 2020 12:28AM
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जयपुर। केंद्रीय रेलवे, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयुष गोयल ने कृषि विधेयकों को किसानों के सशक्तिकरण के लिये महत्वपूर्ण बताते हुए कहा है कि इन विधेयकों से किसानों को बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी और वे आजादी से अपनी फसल बेच पायेंगे। गोयल ने आज यहां पत्रकारों से कहा कि इन विधेयकों के पारित होने के बाद पिछली व्यवस्था बरकरार रखते हुए सरकार ने किसानों को यह सुविधा दी है कि वह कहीं भी अपनी फसल बेच सकता है। उसके सामने अब मंडी में ही बेचने की बाध्यता नहीं है।   
 
 उन्होंने कहा कि करार के जरिए किसानों को तय मूल्य दिलाने की व्यवस्था की गयी है। करार से यह सुनिश्चित होगा कि दाम गिरते भी हैं तो किसान को उसके द्वारा तय न्यूनतम दाम तो मिलेगा ही। अगर दाम करार के बाद फसल पकने पर बढ़ते हैं तो किसान करार तोड़कर फसल बाजार में बेच सकता है। गोयल ने कहा कि फसल पैन कार्डधारी को बेचने से लिखित में समझौता होगा जिससे किसानों के हित सुरक्षित होंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने ये विधेयक स्वामीनाथन की रिपोर्ट के आधार पर तैयार किये हैं।
 
कांग्रेस ने भी वर्ष 1913 में यह कानून लाने का अपने घोषणा पत्र में वादा किया था। वर्ष 1919 में भी किया। तीनों विधेयक काफी सोच समझकर पूरी जानकारी के आधार पर ही बनाये गये हैं। गोयल ने कहा कि इन विधेयकों का कहीं भी विरोध नहीं हो रहा है। केवल पंजाब में ही इसका विरोध किया जा रहा है। वहां किसानों को भ्रमित किया जा रहा है। पंजाब में मंडी में फसलों पर साढ़े आठ प्रतिशत टैक्स लगता है, लिहाजा इस टैक्स को बचाने के लिये ही कांग्रेस वहां इसका विरोध कर रही है।
 
उनके विरोधाभास के चलते ही महाराष्ट्र में पहले यह विधेयक को मंजूर कर लिया गया लेकिन कांग्रेस के दबाव में राज्य सरकार अब विधेयक लागू करने से इन्कार कर रही है। गोयल ने विपक्ष को दिशाहीन और मुद्दाविहीन बताते हुए कहा कि कांग्रेस केंद्र सरकार के हर कदम का विरोध करती है, वह किसानों को एमएसपी का डर दिखाकर भ्रमित कर रही है। जबकि इस विधेयक से किसानों के पर्याय खुल गये हैं। उन्होंने कहा कि एमएसपी को लेकर पिछले 50 वर्ष से कोई कानून नहीं बनाया गया है।
 
यह प्रशासनिक निर्णय है। इस पर किसी कानून की जरुरत ही नहीं है। यह व्यवस्था पहले भी थी और भविष्य में भी बरकरार रहेगी। उन्होंने कहा कि किसान ट्रेन चलाने से किसानों को लाभ हो रहा है। पहली ट्रेन में जहां 100 ंिक्वटल सब्जियां भेजी गयी वहीं दो सप्ताह बाद ही चार सौ ंिक्वटल सब्जियां भेजी जा रही है। धीरे धीरे यह संख्या बढ़ती जा रही है। अब हर जगह से मांग आ रही है। गोयल ने कहा कि इन विधेयकों के बारे में स्वामीनाथन ने भी कहा है कि यह पहली सरकार है जिसने किसानों के हित में व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन किया है। उन्होंने कहा कि लिहाजा किसानों में भ्रांतियां फैलाने की सभी कोशिशें नाकाम होंगी।
 
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