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NEET PG काउंसलिंग में देरी से छत्तीसगढ़ के 500 रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Dec 1 2021 4:21PM | Updated Date: Dec 1 2021 4:21PM
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रायपुर। छत्तीसगढ़ में रेजिडेंट डॉक्टरों पर इतना बोझ लाद दिया गया है कि वे परेशान हो गए हैं। डाक्टरों का कहना है कि कम स्टाफ में पूरा काम करना पड़ रहा है। ओपीडी, ऑपरेशन, इमरजेंसी में डटे रहना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में कार्यक्षमता पर असर पड़ रहा है। हमारी मांगें सुनी नहीं जा रही है। इसलिए मांगों को लेकर लगातार हड़ताल पर हैं। हमें किसी भी प्रकार की तारीख पर तारीख नहीं चाहिए। हमें सिर्फ काउंसलिंग चाहिए, जो पिछले 15 माह से नहीं हुआ है। काउंसलिंग नहीं होने से नए बैच नहीं आ रहे हैं। कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर भी काम का दबाव बढ़ रहा है। 
 
रेजिडेंट डॉक्टर संघ के अध्यक्ष डा. इंद्रेश यादव, वाइस प्रेसिडेंड डा. दीपक गुप्ता, मीडिया प्रभारी प्रेम चौधरी ने बताया कि 27 तारीख से प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल मेकाहारा में ओपीडी बंद है। उसके बाद ऑपरेशन थियेटर बंद किया गया है। फिर भी मांगें नहीं मानी गई तो इमरजेंसी सेवा बंद किया जाएगा। वहीं नीट पीजी डिले होने पर पूरे देश में हड़ताल की गई। डॉक्टर इंद्रेश यादव ने कहा कि केंद्र सरकार से आग्रह है कि काउंसलिंग जल्द कराई जाए, ताकि और डाक्टर मिल सके। डॉक्टर मिलेंगे तो काम का बोझ कम होगा और मरीजों को भी अच्छे से देख सकेंगे। उन्होंने कहा कि 15 माह से काउंसलिंग नहीं हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई होनी है। उसके बाद आगे की कब डेट मिल जाए यह भी नहीं पता।
 
इंद्रेश ने बताया कि डॉक्टरों की कमी है, दूसरी ओर काउंसलिंग नहीं होने से नए बैच नहीं आ रहे हैं तो डॉक्टर कहां से आएंगे। नए बैच नहीं आने से हम लोगों पर भार डबल हो गया है। पिछले एक साल से दबाव के बीच डॉक्टर्स काम कर रहे हैं। हम लोग भी मानसिक रूप से परेशान हो चुके हैं। थक गए हैं और व्यवस्था भी चरमरा गई है। रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल का आज पांचवां दिन है। उन्होंने कहा कि मांगें नहीं मानी गई तो इमरजेंसी सेवा बंद की जाएगी। छत्तीसगढ़ में 500 से ज्यादा रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल में हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर्स दबाव और परेशानी में कैसे सही इलाज कर पाएंगे। वाइस प्रेसिडेंड डा. दीपक गुप्ता ने बताया कि बार-बार डेट बढ़ाने से सत्र 15 माह पिछड़ गया है। 5 जनवरी 2021 के बाद 18 अप्रैल डिसाइड हुआ, फिर 11 सितंबर हुआ, जिसमें अंततः परीक्षा हुई। परीक्षा परिणाम एक माह बाद आया। उसके एक माह बाद काउंसलिंग आरंभ किया गया। काउंसलिंग आरंभ होते ही सुप्रीम कोर्ट में स्टे लगा। हेरिंग के लिए फिर सुप्रीम कोर्ट ने पहले दिवाली का हवाला दिया गया, फिर शीतकालीन सत्र से अब अगला हेरिंग 5 जनवरी को दिया गया है। काउंसलिंग नहीं होने से लगातार डॉक्टरों की कमी बनी हुई है। इसलिए हम चाहते हैं कि जल्द काउंसलिंग हो और नए बैच मिले।

 

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