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इंदौर हादसे में 36 मौतों के बाद एक्शन तेज, 2 अधिकारी सस्पेंड, मंदिर ट्रस्ट के दो लोगों पर केस, 5 बड़े अपडेट्स

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Apr 1 2023 1:41PM | Updated Date: Apr 1 2023 1:41PM
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इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में हुए मंदिर हादसे (Indore Temple accident Update) में 36 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। जिसके बाद प्रशासन ने एक्शन तेज कर दिया है। 36 लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने मंदिर ट्रस्ट के दो पदाधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया। यही नहीं मामले के तूल पकड़ने पर दो अधिकारियों पर कार्रवाई भी की गई है। शहर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि इंदौर नगर निगम (IMC) के एक बिल्डिंग अफसर (BO) और एक भवन निरीक्षक (BE) को निलंबित किए जाने के निर्देश दिए हैं। सीएम शिवराज सिंह चौहान में शुक्रवार को इंदौर पहुंचे और घटनास्थल का दौरा किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिया कि यह पता लगाए कि क्या राज्य में कोई और कुआं या बावड़ी ऐसी है, जिसे ऊपर खतरनाक तरीके से ढक कर निर्माण कार्य किया गया है।

इंदौर के बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में गुरुवार को राम नवमी की पूजा के दौरान कुएं की छत धंसने से बड़ा हादसा हुआ। जिसमें करीब 25 घंटे से ज्यादा समय तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में 36 शव बरामद हुए। मृतकों में 21 महिलाएं और दो बच्चे भी शामिल हैं। इसी मामले में जूनी इंदौर पुलिस ने एक्शन लिया है। थाने के प्रभारी नीरज मेड़ा ने बताया कि पटेल नगर के बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सेवाराम गलानी और सचिव मुरली कुमार सबनानी के खिलाफ आईपीसी की धारा-304 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

थाना प्रभारी मेड़ा ने बताया कि ट्रस्ट के दोनों पदाधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने बावड़ी पर छत डालकर बेहद असुरक्षित निर्माण कराया। इसी वजह से मंदिर में हादसा हुआ, जिसमें 36 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। उन्होंने कहा कि इंदौर नगर निगम ने ट्रस्ट को मंदिर परिसर का अवैध निर्माण हटाने का आदेश दिया था, लेकिन ट्रस्ट ने यह आदेश नहीं माना। थाना प्रभारी के मुताबिक, गैर-इरादतन हत्या के दोनों आरोपियों को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है।

वहीं, इंदौर नगर निगम (आईएमसी) के एक अधिकारी ने बताया कि स्थानीय निकाय के एक पत्र के जवाब में बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर ट्रस्ट ने अप्रैल 2022 में उसे यह लिखकर दिया था कि वह मंदिर का रेनोवेशन करेगा और बावड़ी के ऊपर किया गया निर्माण हटाकर इस कुएं को खोल देगा। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। स्थानीय लोग इंदौर नगर निगम की भूमिका पर भी सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बावड़ी पर अतिक्रमण करने वालों और अतिक्रमण की पूरी जानकारी होने के बावजूद इसे समय रहते न हटाने वाले अधिकारियों ने भीषण हादसे को खुला निमंत्रण दिया। इन लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

वहीं मामले के तूल पकड़ने पर इंदौर नगर निगम ने अपने दो अधिकारियों पर कार्रवाई की। शहर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि मंदिर में हुए भीषण हादसे के बाद उन्होंने इंदौर नगर निगम के एक भवन अधिकारी और एक भवन निरीक्षक को निलंबित किए जाने के निर्देश दिए हैं। महापौर ने कहा कि नगर निगम शहर के ऐसे सभी प्राकृतिक जलस्त्रोतों को अतिक्रमण से मुक्त कराएगा, जिन पर असुरक्षित निर्माण के कारण हादसे हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी शुक्रवार सुबह इंदौर पहुंचे और मंदिर हादसे में घायलों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मंदिर हादसे के दोषियों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सरकार ने पूरे प्रदेश में कुओं की जांच के आदेश दिए हैं। ऐसे सभी कुएं जिन्हें ढंका गया है, उनकी जांच की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह के हादसे न हों।

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