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दुबई में भीषण बाढ़ के बीच फंसे भारतीयों के लिए इंडियन एंबेसी ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Apr 18 2024 5:46PM | Updated Date: Apr 18 2024 5:46PM
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दुबई की बाढ़ और बारिश में फंसे भारतीयों और देश के हवाई यात्रियों के लिए भारत ने पहले ही हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया था। अब दुबई में स्थित भारतीय कंसुलेट जनरल ऑफ इंडिया ने आधिकारिक बयान में कहा है कि - हम फंसे हुए यात्रियों की सुविधा के लिए यूएई अधिकारियों और एयरलाइंस के संपर्क में हैं। एयरलाइंस की ओर से नियमित अपडेट यात्रियों को दिए जा रहे हैं। भारतीय सामुदायिक संगठनों के सहयोग से राहत उपाय बढ़ाए गए हैं। बता दें कि बाढ़ और बारिश के चलते दुबई में हवाई, मेट्रो और सड़क यातायात ठप हो गया है। स्कूल, कॉलेज, मॉल, बाजार और प्रमुख प्रतिष्ठान बंद कर दिए गए हैं। जगह-जगह सड़कों, गलियों और मकानों में पानी भर गया है। 

दुबई में 75 वर्षों की सबसे बड़ी बाढ़ आने के बाद भारत ने अपने लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।  दुबई और उत्तरी अमीरात में चरम मौसम की स्थिति से प्रभावित और मदद की ज़रूरत वाले भारतीय नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर निम्न हैं.... +971501205172, +971569950590, +971507347676, +971585754213... इन मोबाइल नंबरों पर दुबई में फंसे भारतीय संपर्क कर किसी भी तरह की मदद हासिल कर सकते हैं। 

दुबई में भयानक बाढ़ के पीछे कई रिपोर्टों में क्लाउड सीडिंग को वजह बताया जा रहा है। संयुक्त अरब अमीरात के पूर्वी तट पर स्थित फुजैराह में मंगलवार को 14.5 सेमी (5.7 इंच) बारिश दर्ज हुई। कई रिपोर्टों दुबई में अचानक आई इस बाढ़ को "क्लाउड सीडिंग" से जोड़ा गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यूएई सरकार ने विशेष नमक की लौ जलाने वाले छोटे विमानों को बादलों के बीच से गुजारा। इससे वर्षा बढ़ गई। राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानियों के हवाले से कई लोगों ने दावा किया है कि उन्होंने बारिश से पहले छह या सात क्लाउड सीडिंग उड़ानें भरीं हैं।

दुबई का फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा भी इसी ओर इशारा कर रहा है। डेटा विश्लेषण से पता चला है कि यूएई के क्लाउड सीडिंग प्रयासों से जुड़े एक विमान ने रविवार को देश भर में बादलों के बीच उड़ान भरी। बता दें कि यूएई अपने घटते, सीमित भूजल को बढ़ाने के लिए क्लाउड सीडिंग करता है। साथ ही पानी के लिए ऊर्जा की खपत करने वाले अलवणीकरण संयंत्रों पर बहुत अधिक निर्भर करता है।

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