21 Apr 2024, 07:48:52 के समाचार About us Android App Advertisement Contact us app facebook twitter android
news » National

इस राज्य में हैं कोरोना के XBB.1.16 वैरिएंट के सबसे अधिक केस, देश में बढ़ते मामलों के पीछे यही है जिम्मेदार

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Mar 23 2023 5:58PM | Updated Date: Mar 23 2023 5:58PM
  • facebook
  • twitter
  • googleplus
  • linkedin

देश में एक बार फिर से कोरोना के नए मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। गुरुवार को 1300 नए मामले आए, जो 140 दिन बाद कोविड के दैनिक मामलों में सर्वाधिक है। देश में अभी तक संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 4,46,99,418 हो गई है। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 7,605 पर पहुंच गई है। नए मामलों में वृद्धि के पीछे COVID-19 के XBB.1.16 को माना जा रहा है। INSACOG के आंकड़ों के अनुसार, अब तक XBB.1.16 वैरिएंट के कुल 349 नमूनों का पता चला है। ये वैरिएंट नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मिले हैं। इंडियन सार्स-कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) डेटा के अनुसार, इस वैरिएंट के सबसे अधिक मामले महाराष्ट्र में 105, तेलंगाना में 93, कर्नाटक में 61 और गुजरात में 54 हैं। एक्सबीबी 1.16 वैरिएंट के दो सैंपल पहली बार जनवरी में मिले थे। फरवरी में XBB 1.16 वैरिएंट के 140 सैंपल मिले थे। वहीं मार्च में अब तक 207 XBB 1.16 वैरिएंट के सैंपल मिले हैं। 

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने गुरुवार को कहा कि विश्व में कोविड के 94,000 नए मामले एक दिन के आए हैं। अभी भी यह वैश्विक महामारी खत्म नहीं हुई है क्योंकि नए मामले आ रहे हैं। USA से विश्व का 19%, रूस से 12.6% और हमारे देश से विश्व के 1% मामले आ रहे हैं। राजेश भूषण ने कहा कि महाराष्ट्र, गुजरात, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। मैंने 16 मार्च को व्यक्तिगत रूप से इन राज्यों को लिखा था कि उन्हें क्या कार्रवाई करने की आवश्यकता है। बुधवार को एम्स के पूर्व निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा था कि नए वैरिएंट कोरोना के ताजा मामलों में बढ़ोतरी के पीछे हो सकते हैं। हालांकि जब तक यह गंभीर बीमारी और मौत का कारण नहीं बनता है, तब तक घबराने की जरूरत नहीं है।

गुलेरिया ने कहा कि जब कोविड का प्रकोप शुरू हुआ था तो यह अल्फा, बीटा, गामा, डेल्टा और ओमिक्रोन वैरिएंट के साथ हुआ था। इस तरह वायरस बदलता गया। सौभाग्य से, हम पिछले एक साल पर नजर डालें तो ऐसे वैरिएंट सामने आए जो ओमीक्रोन के ही सब-वैरिएंट हैं। इसलिए लगता है कि वायरस कुछ हद तक स्थिर हो गया है और अतीत की तरह तेजी से नहीं बदल रहा है। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को हाई-लेवल बैठक की थी। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने जीनोम सिक्वेंसिंग में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। पीएम मोदी ने कहा था कि इससे नये वैरिएंट पर नजर रखने और समय पर कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वरिष्ठ नागरिकों और अन्य बीमारियों से ग्रस्त लोग भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क लगाएं।

  • facebook
  • twitter
  • googleplus
  • linkedin

More News »