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एक करोड़ 24 लाख परिवारों को नि:शुलक विद्युत कनेक्शन: CM योगी

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Jun 7 2020 12:25AM | Updated Date: Jun 7 2020 12:25AM
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राज्य सरकार ने एक करोड़ 24 लाख से अधिक परिवारों को नि:शुल्क विद्युत कनेक्शन देकर उनके घरों में उजाला लाने का काम किया गया। योगी ने शनिवार को यहां अपने सरकारी आवास पर उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन के 3,135.34 करोड़ रुपये लागत के 28 नये पारेषण उपकेन्द्रों का ऑनलाइन लोकार्पण/शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक करोड़ 24 लाख से अधिक परिवारों को नि:शुल्क विद्युत कनेक्शन दिया गया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा विकास का कारक है। प्रदेश की सर्वांगीण प्रगति के लिए सुदृढ़ आधारभूत क्षेत्र का विकास आवश्यक है।
 
इसमें ऊर्जा सेक्टर का विशिष्ट स्थान है। सरकार शुरुआत से ही ऊर्जा क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दे रही है। ऊर्जा विभाग द्वारा विद्युत उत्पादन, पारेषण तथा वितरण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य किया गया है।    मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रांसमिशन उपकेन्द्रों के माध्यम से प्रदेश में विद्युत की आपूर्ति और भी बेहतर हो सकेगी। वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान भी उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन द्वारा विद्युत पारेषण उपकेन्द्रों की एक श्रृंखला का निर्माण किया जाना एक सराहनीय प्रयास है।
 
प्रदेश के ऊर्जा विभाग ने पिछले तीन वर्षों में बेहतर कार्य संस्कृति को अपनाकर लोगों को निर्बाध बिजली देने का कार्य किया है। योगी ने कहा कि आज प्रदेश के पारेषण तंत्र की भार-वहन क्षमता लगभग 24,000 मेगावॉट है, जो विगत तीन वर्षों में लगभग 33 प्रतिशत की वृद्धि का परिचायक है। इसी प्रकार प्रदेश के पारेषण तंत्र की प्रदेश के बाहर से विद्युत आयात की क्षमता आज लगभग 13,900 मेगावॉट है जो पिछले तीन वर्षों में लगभग 59 प्रतिशत की वृद्धि का परिचायक है।
 
प्रदेश सरकार का प्रयास है कि पावर फॉर ऑल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप प्रत्येक घर तक 24 घण्टे बिजली की आपूर्ति कर सके। इसे लेकर राज्य सरकार ‘सबको बिजली-हरदम बिजली’ के लक्ष्य पर गम्भीरता से कार्य रही है।   उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जिला मुख्यालयों में 23 से 24 घण्टे, तहसील मुख्यालयों तथा बुन्देलखण्ड क्षेत्र में 20-21 घण्टे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 17-18 घण्टे विद्युत आपूर्ति की जा रही है।
 
एक करोड़ 24 लाख से अधिक परिवारों को नि:शुल्क विद्युत कनेक्शन देकर उनके घरों में उजाला लाने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि विद्युत कनेक्शन देने के साथ ही लगभग एक लाख 75 हजार मजरों का विद्युतीकरण का कार्य भी किया गया। लोकार्पित किये गये पारेषण उपकेन्द्रों में एक उपकेन्द्र 400 के.वी., सात उपकेन्द्र 220 के.वी. तथा 11 पारेषण उपकेन्द्र 132 के.वी. क्षमता के हैं, जिनकी लागत 1881.78 करोड़ रुपये है। यह उपकेन्द्र बस्ती, गोरखपुर, चित्रकूट, महोबा, बलरामपुर, उन्नाव, लखनऊ, सुल्तानपुर, अमेठी, प्रयागराज, बलिया, फिरोजाबाद, कानपुर, मथुरा, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद एवं मुजफ्फरनगर में स्थापित किये गये हैं।
 
उपकेन्द्रों में एक पारेषण उपकेन्द्र 400 के.वी., तीन उपकेन्द्र 220 के.वी. तथा पांच उपकेन्द्र 132 के.वी. क्षमता के हैं, जिनकी लागत लागत 1253.56 करोड़ रुपये हैं। यह उपकेन्द्र जनपद मऊ, शामली, लखीमपुर खीरी, लखनऊ, जौनपुर, बदायूं तथा गौतमबुद्धनगर में निर्मित होंगे।   इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ऊर्जा विभाग ‘सबको बिजली, पर्याप्त बिजली, निर्बाध बिजली’ उपलब्ध करा रहा है।
 
पारेषण क्षेत्र में किये गये कार्यों के परिणामस्वरूप प्रदेश के पारेषण क्षेत्र में लगभग सभी महत्वपूर्ण सूचकांकों में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। तीन वर्ष पूर्व प्रदेश के पारेषण तंत्र द्वारा जहां मात्र 18061 मेगावॉट का अधिकतम भार वहन किया जा सकता था, वहीं वर्ष 2019 में प्रदेश के पारेषण तंत्र द्वारा लगभग 21,632 मेगावॉट के अधिकतम भार-वहन किया गया है।
 
आगामी 05 वर्षों में प्रदेश का पारेषण तंत्र लगभग 30,000 मेगावॉट का भार वहन करने हेतु सक्षम होगा, जिसके लिए 164 नग उपकेन्द्रों एवं तत्सम्बन्धी लाइनों का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है।  ऊर्जा मंत्री ने बताया कि विगत तीन वर्षों में कुल 8881.63 करोड़ रुपये की लागत के विभिन्न विभव 765 के.वी., 400 के.वी., 220 के.वी. एवं 132 के.वी. के 86 उपकेन्द्रों एवं तत्सम्बन्धी लाइनों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है।
 
इन कार्यों के फलस्वरूप 03 वर्ष पूर्व परिवर्तकीय क्षमता 89,012 एम.वी.ए. से बढ़कर 1,22,130 एम.वी.ए. हो गयी है, जो कि परिवर्तकीय क्षमता में लगभग 37.21 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसके अतिरिक्त 03 वर्षों में लगभग 12,000 किलोमीटर की पारेषण लाइनों का निर्माण कराया गया है। 
 
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