05 Dec 2020, 11:00:46 के समाचार About us Android App Advertisement Contact us app facebook twitter android
State » Madhya Pradesh

महिला सशक्तिकरण के लिए बहुमुखी प्रयास जरुरी : आनंदीबेन

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Oct 21 2020 4:13PM | Updated Date: Oct 21 2020 4:14PM
  • facebook
  • twitter
  • googleplus
  • linkedin

भोपाल। मध्यप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए बहुमुखी प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के पारिवारिक और सामाजिक परिप्रेक्ष्य को समझ कर कार्य करने के साथ ही समाज की सोच में बदलाव की जरुरत है। इसके लिए जरूरी है कि महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति महिला और उसके परिजनों के साथ ही बेटियों को जागरूक किया जाए। पटेल ब्रेस्ट कैंसर एक्शन-डे के तारतम्य में आयोजित शिखर सम्मेलन के वेबिनार को मुख्य अतिथि की आसंदी से सम्बोधित कर रहीं थी।
 
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विशेष शिविरों का आयोजन करने के साथ ही, राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए किए जा रहे, कार्यों की जानकारी को पहुंचविहीन और दूरस्थ अंचलों में पहुंचाने के लिए विशेष पहल की जाये। वेबिनार में मणिपुर की राज्यपाल डॉ. नज़मा हेपतुल्ला भी मौजूद थीं। उन्होंने कहा कि हमारे देश में महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति स्वयं महिला और उसके परिजनों में उपेक्षा का भाव है। महिलाएँ अपनी बीमारियों के विषय में अपने परिजनों, पति, पुत्र से भी चर्चा नहीं करती हैं।
 
फलस्वरुप आरंभिक अवस्था में सरलता से होने वाले रोगों का उपचार गंभीर अवस्था में होता है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में बदलाव के प्रयास उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में किये थे। राज्य के बजट में 33 प्रतिशत राशि महिलाओं के लिए आवंटित कर दी थी। इस जेंडर बजट ने राज्य में पहली बार महिला केन्द्रित योजनाओं के निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ की थी। उन्होंने बताया कि राज्य में कैंसर सहित अन्य रोगों की शिविर लगाकर स्वास्थ्य जांच का कार्य किया गया था। इसमें डेढ़ करोड़ महिलाओं की जांच की गई।
 
जिसमें से डेढ़ से दो हजार में कैंसर रोग का प्रारंभिक अवस्था में पता चलने से समय पर उपचार हो गया। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपनी बीमारी के प्रति संकोची है, वे दूर जाकर चिकित्सक से परामर्श लेने विशेषकर पुरुष चिकित्सक को दिखाने में संकोच करती है। इसलिए यह आवश्यक है कि तहसील अथवा 10 गांवों के संकुल में महिला स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाये। उन्होंने किशोरी बालिकाओं को रोगों, स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जानकारी दिये जाने की जरुरत बताई।
 
उन्होंने कहा कि यह बालिकाएं किसी परिवार की बेटी भविष्य की बहू और माँ है। वे जागृत होंगी तो अपनी माँ, सास और परिजनों के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान में सहयोगी होंगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के रुप में शिक्षण संस्थाओं को एक अवसर मिला है। इसमे समाज की वर्तमान चुनौतियों के समाधान और भविष्य की जरुरतों के अनुसार शिक्षण व्यवस्था में परिवर्तन किए जा सकते हैं। उन्होंने शिक्षाविदों का आव्हान किया कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर ऐसा शैक्षणिक पाठ्यक्रम तैयार करें जिसमें महिलाओं के सशक्तीकरण की पहल हो। उसके परिणामों का अध्ययन कर, विस्तार के प्रयास करें।
 
उन्होंने ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता माह का उपयोग ब्रेस्ट कैंसर के खतरों और इसके बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए ‘नेशनल इंटीग्रेटेड हेल्थ एण्ड वेलबीइंग काउन्सिल’ और ‘वुमेन हेल्थ, वेलनेस फॉर वुमेन इम्पावरमेन्ट फाउण्डेशन’ को बधाई दी। कार्यक्रम को मणिपुर की राज्यपाल डॉ. नज़मा हेपतुल्ला ने संबोधित किया। उन्होंने मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की राज्यपाल श्रीमती पटेल के महिला सशक्तिकरण के प्रति चिंतन, चिंता और किये गये कार्यों की सराहना की।
 
उन्होंने कहा कि ब्रेस्ट कैंसर जानलेवा रोग इसलिए है कि इसकी समय पर जानकारी नहीं हो पाती। रोग की पहचान के लिए जनजागृति के प्रयास आवश्यक है। उन्होंने दूरस्थ अंचलो में महिला स्वास्थ्य के लिए विशेष प्रयास किये जाने की जरुरत बताई। कार्यक्रम के प्रारम्भ में फाउन्डेशन फॉर विमेन इम्पावरमेंट की संस्थापक डॉ. मीरा अग्निहोत्री ने स्वागत उद्बोधन दिया। संचालन इंटीग्रेटेड हेल्थ एन्ड वेलबिइंग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कमल नारायण ओमेर ने किया। 
 
  • facebook
  • twitter
  • googleplus
  • linkedin

More News »