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गवाह का दावा- आर्यन को छोड़ने के लिए मांगे गए थे 25 करोड़, वानखेड़े को मिलने थे 8 करोड़

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Oct 24 2021 6:27PM | Updated Date: Oct 24 2021 6:27PM
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मुंबई। आर्यन खान ड्रग्स केस में अब एक बड़ा मोड़ आ गया है। नारकोटिक्‍स कंट्रोल ब्‍यूरो (NCB) की ओर से क्रूज ड्रग्‍स पार्टी केस में गिरफ्तार किए गए एक्‍टर शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान के मामले में नया मोड़ आ गया है।  एनसीबी द्वारा बनाए गए गवाह ने बड़ा आरोप जांच एजेंसी के खिलाफ लगाए हैं। इस केस में गवाह बनाए गए प्रभाकर ने एक अहम खुलासा किया है। प्रभाकर ने आरोप लगाया है कि शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को छोड़ने के लिए गोसावी और सैम ने कथित तौर पर 18 करोड़ में से 8 करोड़ रुपये एनसीबी मुंबई के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े को देने की बात कही थी। 
 
आर्यन खान को छोड़ने के लिए 25 करोड़ रूपए  की मांग की गई थी। जिसके बाद मामला 18 करोड़ रूपए में तय हुआ। प्रभाकर ने अपने हलफनामें में भी यही कहा कि क्रूज पर एनसीबी की छापेमारी के बाद उसने शाहरुख खान की मैनेजर पूजा ददलानी को केपी गोसावी और सैम को नीले रंग की मर्सिडिज कार में साथ में बात करने देखा था। उनके बीच लगभग 15 मिनट कर बात हुई थी। 
 
मामले में पंच बनाए गए प्रभाकर किरण गोसावी का बॉडीगार्ड भी है। उसने ये अहम बात अपने हलफनामे में कही है। ये जानकारी रविवार को सामने आया है। गवाह प्रभाकर सेल के दावे के बाद अब शिवसेना और एनसीपी ने दोबारा एनसीबी की कार्रवाई पर उंगली उठाई है। शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि आर्यन केस में गवाह के खाली पेज पर हस्ताक्षर कराना चौंकाने वाला है। इसके अलावा महाराष्ट्र सरकार में मंत्री औ एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा कि सत्य ही जीतेगा।
 
बता दें, आर्यन खान की गिरफ्तारी के दिन एक अज्ञात शख्स की तस्वीर उसके साथ वायरल हुई थी, जिसकी पहचान किरण गोसावी के रूप में की गई। पहचान होने के बाद शख्स फरार हो गया था। उसी किरण गोसावी के बॉडीगार्ड और इस केस में पंच प्रभाकर ने एक अहम खुलासा किया है।
 
संजय राउत ने ट्वीट किया, "आर्यन खान मामले में एनसीबी द्वारा खाली कागज पर हस्ताक्षर कराना चौंकाने वाला है। रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि काफी पैसे की मांग की गई थी। सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह मामला महाराष्ट्र की छवि को बदनाम करने के लिए बनाया गया है। अब यह सच साबिक हो रहा है। इसके अलावा संजय राउत ने इस ट्वीट को गृह मंत्री दिलीप वालसे को टैग करते हुए लिखा कि इस मामले में पुलिस को स्वत: संज्ञान लेना चाहिए।
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