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नोटों की खेती करने वालों के लिये बने किसान विरोधी कानून : प्रियंका

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Feb 24 2021 12:40AM | Updated Date: Feb 24 2021 12:40AM
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लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी सरकार पर अहंकार पालने का आरोप लगाते हुये कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि केन्द्र सरकार ने अपने विवेक से तीन नये कृषि कानून बनाये जो नोटों की खेती करने वाले खरबपतियों, उद्योगपतियों को जमाखोरी की पूरी तरह से छूट देता है। बांके बिहारी मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद वाड्रा ने मंगलवार को मथुरा में किसान पंचायत को संबोधित करते हुये कहा कि भाजपा सरकार ने अन्नदाता के लिए अहंकार पाल लिया है। 

देश के लाखों किसानों जिन्होंने इस देश की जमीन को सींचा, देश की सीमा पर अपने बेटों को आपकी हमारी सुरक्षा के लिए शहीद होने भेजा। आज वह किसान सड़क पर बैठा है। 90 दिनों से राजधानी के बॉर्डर पर अपने अधिकारों की लड़ाई वह किसान लड़ रहा है। 215 किसान शहीद हुए। सरकार ने बिजली काटी, पानी बंद किया, मारपीट कराई,उन्हें प्रताड़ित किया, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री जो अपने शासनकाल में दुनिया के हर कोने तक पहुंच गये मगर देश की राजधानी के बॉर्डर तक नहीं पहुंच पाए। 

किसानों से बात करने के लिए ना वह आए ना उन्होंने किसी को भेजा। जब नेता का अहंकार इतना बढ़ जाता है कि वह जनता से अलग हो जाता है तो उसकी नीतियां जनता से भी अलग होती हैं और वह जनता की भलाई के लिए नहीं बनती। कवि रामधारी सिंह दिनकर ने कहा था ‘‘जब नाश मनुज पर छाता है पहले विवेक मर जाता है।’’ इस सरकार का विवेक मर चुका है। भगवान कृष्ण इनका भी अहंकार तोड़ेंगे। 

उत्तर प्रदेश की प्रभारी ने कहा ‘‘सरकार ने आपको तमाम वादे किए थे कि आमदनी दूनी होगी,गन्ने मूल्य का बकाया मिलेगा मगर कुछ नहीं किया। सब जानते हैं कि गन्ने का बकाया 15000 करोड़ रूपये तक पहुंच गया है। प्रधानमंत्री ने अपने लिए दो हवाई जहाज खरीदे हैं उन दो हवाई जहाजों की कीमत 16000 करोड़ रूपये है आपके बकाए की कीमत 15000 करोड़ रूपये है, आपको बकाया नहीं मिला। यह उनकी नीयत है। समझ लीजिए।’’ 

उन्होने कहा कि पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ते चले जा रहे हैं। बिजली के दाम बढ़ते चले जा रहे हैं। स्मार्ट मीटर से लूट हो रही है। रसोई गैस की कीमत बढ़ती चली जा रही है। डीएपी के दाम बढ़ गये हैं। ओलावृष्टि से खराब उपज का मुआवजा नहीं मिला। धान, बाजरा, गेहूं के सही दाम नहीं मिलते। गौशालाओं का बुरा हाल है। आवारा पशुओं से किसान प्रताड़ित हैं। अभी हाल में आगरा के गोवंश में मृत्यु हुई। मथुरा राजपुर नगर पंचायत गौशाला में गोवंश का बुरा हाल है।

वाड्रा ने कहा कि इस बीच सरकार ने अपने महान विवेक से तीन नये कृषि कानून बनाये जो बड़े-बड़े खरबपतियों, उद्योगपतियों को जमाखोरी की पूरी तरह से छूट देता है। 1955 में जवाहरलाल नेहरू ने जमाखोरी को बंद करने के लिए कानून जारी किया था तब से आज तक उस कानून के तहत जमाखोरों पर रोक होती है। आज सरकार ने जमाखोरी पर पूरी तरह से छूट कर दी है।

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