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दिल्ली पुलिस, केंद्र और NBSA को नोटिस, दिशा रवि की याचिका पर 1 हफ्ते में HC ने मांगा जवाब

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Feb 19 2021 2:13PM | Updated Date: Feb 19 2021 2:14PM
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नई दिल्‍ली। दिल्ली उच्च न्यायालय किसानों के प्रोटेस्ट को लेकर टूलकिट मामले में मीडिया लीक के खिलाफ दिशा रवि की याचिका पर सुनवाई की। दिल्ली हाईकोर्ट ने एक हफ्ते के अंदर दिशा रवि की अर्जी पर केन्द्र, NBSA, मीडिया संस्थानों को जवाब देने को कहा है। इसके बाद दिशा रवि को उनका जवाब देने के लिए 1 हफ्ते का वक़्त दिया गया है, मामले में अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी।
 
हाईकोर्ट ने कहा कि मौजूदा खबरों के कवरेज से यह साफ होता है कि बड़े पैमाने पर मीडिया कवरेज में खबरों को सनसनीखेज तरीके पेश करती है। दिल्ली पुलिस को हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि वो अपने हलफनामे पर कायम रहे, जिसमें कहा गया कि कोई भी सूचना मीडिया से साझा नही की गई है। मीडिया चैनल यह सुनिश्चित करें कि जो भी खबर दिखाई जारी है वह सही हैं और विश्वस्त सूत्रों के हवाले से हैं, चैनल हैड यह सुनिश्चित करें कि सही जानकारी ही लोगों तक पहुंचे और आरोपी का फेयर ट्रायल किसी भी तरह प्रभावित नहीं हो।
 
इससे पहले दिशा के वकील ने कहा कि जांच से सम्बंधित किसी भी जानकारी को सार्वजनिक रिकॉर्ड में प्रसारित करने पर रोक लगाई जाए। चार्जशीट दाखिल किए जाने तक किसी भी तरह की कोई जानकारी लीक नहीं हो। दिशा रवि के वकील अखिल सिब्बल ने दलील दी कि‌ समाचार चैनलों को दिशा-निर्देश दिया जाए कि “तथाकथित वॉट्सएप बातचीत” को अपने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से हटाएं। दिशा के वकील ने कहा कि 15 तारीख को एक प्रेस ब्रीफिंग थी, जिसमें ज्वाइंट कमिश्नर इस बारे में बताया कि कैसे उन्होंने दिशा के मामले की जांच की और उससे अत्यधिक महत्वपूर्ण जानकारी निकालने में सक्षम थे। दिशा का पक्ष रख रहे वकील ने कहा कि जॉइंट कमिश्नर ने प्रेस ब्रीफिंग में यह भी कहा कि पीटर फ्रेड्रिक के पहलू पर दिशा और उसके दोस्त जवाब देने में सक्षम होंगे।
 
दिशा के वकील ने कहा कि आखिर कैसे मीडिया चैनल को पता चला कि दिशा से जांच के दौरान कौन से सवाल पूछे गए हैं, एक अन्य चैनल के पास जांच के दौरान हुई बातचीत का पूरा विस्तार था। हमारी मांग है कि सभी चैनलों को खबर करने से रोका जाए। दिशा के वकील ने कोर्ट में ये भी कहा कि एक चैनल के पत्रकार ने यहां तक कहा कि उसे ED के सूत्रों से दिशा से सम्बंधित सूचना मिली है।
 
दिल्ली पुलिस के वकील ने कहा कि दिशा के वकील जो भी कह रहे है वह पूरा सच नही है, आप ऐसा नही कह सकते है कि दिल्ली पुलिस के लोगों ने सूचना को लीक किया है, जांच की प्रक्रिया में बहुत सारे लोग शामिल रहते हैं और भी सूत्र हो सकते हैं। आप पुलिस को इस तरह बदनाम नही कर सकते। अगर कोई भी अभियान पुलिस को बदनाम करने के लिए चलाया जाएगा तो पुलिस को भी तत्काल जवाब देने का मौका मिलना चहिए। NBSA के वकील ने कहा कि उन्हें कोई शिकायत तीनों चैनलों के खिलाफ नही मिली हैं, जिनके खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है।
 
वहीं मामले में केंद्र सरकार के वकील ने कहा कि मंत्रालय को निजी चैनलों के द्वारा इस मामले में रिपोर्टिंग किए जाने के खिलाफ कोई भी शिकायत नही मिली है। अगर प्रोग्राम कोड का अगर कोई भी उल्लंघन करता है तो नियमों के तहत यह मामला मंत्रालय के दायरे में आता है। चैनल मालिकों की यह जिम्मेदारी है कि वह यह सुनिश्चित करें कि प्रोग्राम कोड का उल्लंघन नही हो। यह याचिका ट्वीट और ऑनलाइन आर्टिकल पर फोकस है, इसमें न्यूज़ चैनल की रिपोर्टिंग का कोई लेना देना नही हैं। मंत्रालय ने एक कमेटी बनाई है, जो ऐसी शिकायतों पर गौर करती है, लेकिन हमारे पास ऐसी कोई शिकायत नही हैं।
 
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