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सांसदों का वेतन काटने संबंधी विधेयक लोकसभा में ध्वनिमत से पारित

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Sep 16 2020 12:21AM | Updated Date: Sep 16 2020 12:22AM
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नई दिल्ली। विपक्षी सदस्यों के सांसद निधि दो साल के लिए स्थिगति करने के सरकार के फैसले के कड़े विरोध के बीच लोकसभा ने कोरोना महामारी से लड़ने के लिए निधि जुटाने के वास्ते सांसदों के वेतन में 30 प्रतिशत की कटौती करने वाला ‘‘संसद सदस्य वेतन, भत्ता और पेंशन विधेयक 2020’’ आज ध्वनिमत से पारित कर दिया। 

कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के सभी सदस्यों ने विधेयक का समर्थन किया लेकिन कहा कि सरकार को सांसद निधि को तत्काल बहाल करना चाहिए। उनका कहना था कि सांसद निधि जनता का पैसा है और इस निधि का इस्तेमाल कोरोना से निपटने के लिए संसदीय क्षेत्रों में आवश्यक दिशा निर्देशों के साथ किया जा सकता है। सरकार को इस निधि को स्थगित करने का फैसला वापस लेना चाहिए।

संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि यह समय कोरोना से लड़ाई का है और इस वक्त हर स्तर पर सरकार को इस महामारी से लड़ने के लिए पैसे की आवश्यकता है। सांसद निधि को स्थगित करने का फैसला अस्थायी है और इसे बाद में बहाल कर दिया जाएगा। कोरोना के कारण लोगों के समक्ष रोजी रोजी का संकट पैदा हुआ है तथा सरकार लोगों को भोजन तथा आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हर उपाय कर रही है और इसके लिए नवंबर तक गरीबों को निशुल्क राशन दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सभी मंत्रियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि कोरोना मामले में किसी तरह की राजनीति नहीं की जानी चाहिए। सरकार ने कारोना के कारण पैदा हुए आर्थिक दिक्कत की भरपाई के लिए 20 लाख करोड़ रुपए की सहायता योजना बनाई और इसके माध्यम से आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को रोजगार मिले इसके लिए मनरेगा में 40 हजार करोड़ रुपए दिये गये। सरकार कोरोना को हराना चाहती है और इसे सामूहिक रूप से ही मदद करके हराया जा सकता है इसलिए सांसदों के वेतन में कटौती का निर्णय लिया गया।

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